Hindi English
Login
Breaking News

Welcome to Instafeed

Latest News, Updates, and Trending Stories

55 लाख पशुधन को लगेगी मुंह खुर-गलघोटू की वैक्सीन: मुंह खुर-गलघोटू बीमारियों से बचाव को लेकर लगेगी वैक्सीन, ...

नई दिल्ली, November 7, 2026: 55 लाख पशुधन को लगेगी मुंह खुर-गलघोटू की वैक्सीन: मुंह खुर-गलघोटू बीमारियों से बचाव को लेकर लगेगी वैक्सीन, ...। Sat, Nov 7, 2026 Updated 12:15 PM IST होम वीडियो सर्च वॉच…

Advertisement
Image Credit: Instafeed Desk
Instafeed.org

By Pandey Gaurav | Mumbai, Maharashtra | स्वास्थ्य - 07 November 2026

नई दिल्ली, November 7, 2026: 55 लाख पशुधन को लगेगी मुंह खुर-गलघोटू की वैक्सीन: मुंह खुर-गलघोटू बीमारियों से बचाव को लेकर लगेगी वैक्सीन, ...।

Sat, Nov 7, 2026 Updated 12:15 PM IST होम वीडियो सर्च वॉच वेब स्टोरीज ई-पेपर टॉप न्यूज़ राज्य-शहर तेजस्विनी NEW भास्कर इन्वेस्टिगेशन क्रिकेट भास्कर खास DB ओरिजिनल स्पोर्ट्स बॉलीवुड बिजनेस लाइफस्टाइल विदेश देश टेक - ऑटो जॉब - एजुकेशन जीवन मंत्र राशिफल ओपिनियन दिवाली REELS मध्य प्रदेश उत्तरप्रदेश राजस्थान बिहार यूपी खास Hindi News Local Haryana Haryana Livestock Vaccination Drive | Free Foot Mouth Disease Vaccine 55 लाख पशुधन को लगेगी मुंह खुर-गलघोटू की वैक्सीन: मुंह खुर-गलघोटू बीमारियों से बचाव को लेकर लगेगी वैक्सीन, गलघोटू से ज्यादा खतरा चंडीगढ़ 16 मिनट पहले कॉपी लिंक

हरियाणा में पशुओं को मुंह खुर और गलघोटू बीमारी से बचाने के लिए टीकाकरण प्रक्रिया शुरू होगी जिसके तहत 55 लाख पशुधन को वैक्सीन लगाई जाएगी। यह वैक्सीन पशुपालकों पूरी तरह से निशुल्क रहेगी। वैक्सीनेशन की प्रक्रिया अगले 6 महीने तक चलेगी

करीब 18 करोड़ का खर्च आएगा विभाग की तरफ से प्राप्त जानकारी अनुसार एक पशु को इंजेक्शन लगाने पर करीब 34 रुपए खर्च आता है और 55 लाख गाय-भैंस को वैक्सीन लगाई जानी है तो इस लिहाज से सरकार को इसका करीब 17 से 18 करोड़ खर्च आएगा। गौर तलब की हरियाणा में करीब 62 लाख गाय और भैंस हैं जिनमें से करीब 42 लाख भैंस और 20 लाख गाय हैं।

हरियाणा पशुपालन विभाग के डीजी डॉ प्रेम ने बताया कि पशुपालकों को पक्षों को नियमित रूप से वैक्सीन चाहिए ताकि पशुधन की बीमारी के चलते जान न जाए। बीमारी का कोई भी लक्षण दिखने पर पशुपालकों को तुरंत पशु चिकित्सक से संपर्क करना चाहिए। जानलेवा गलघोटू बीमारी की कैजुअल्टी दर बहुत ज्यादा

विभाग से प्राप्त जानकारी अनुसार अगर किसी पशु को गल घोंटू बीमारी हो जाती है तो उसका बचना करीब करीब मुश्किल हो जाता है। अगर समय रहते पशु बीमारी का नहीं पता चल पाता तो 24 से 48 घंटे के बीच पशु की डेथ हो जाती है। हालांकि बीमारी शुरुआत में ही डिटेक्ट हो जाए तो पशु के बचने की थोड़ी बहुत संभावना होती है। ऐसे में कोई भी लक्षण दिखने पर पशुपालक को चाहिए कि तुरंत प्रभाव से पशु चिकित्सकों से संपर्क करें। गलघोटू से संक्रमित पशु की जान दम घुटने के चलते चली जाती है।

स्रोत: Instafeed Desk।

तस्वीर: per source. Please credit "Family photos of Infrogmation"., Wikimedia Commons, CC BY-SA 2.5

Instafeed Editorial Desk
Instafeed Editorial Desk ✔ Verified
राष्ट्रीय, राजनीति, खेल, मनोरंजन और ग्राउंड सिटीजन रिपोर्टिंग · तथ्य-जांच और आधिकारिक स्रोतों पर आधारित।
Advertisement
Comments

No comments available.

Advertisement
Advertisement