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New Delhi, November 6, 2026: UP में 1.75 लाख HIV के मरीज, 587 कैदियों को भी एड्स; ART सेंटर से मिल रहा मुफ्त इलाज.
The source note says: English हिंदी उत्तर प्रदेश उत्तराखंड छत्तीसगढ़ झारखंड दिल्ली बिहार मध्य प्रदेश राजस्थान हरियाणा हिमाचल प्रदेश অসমীয়া বাংলা ગુજરાતી ಕನ್ನಡ മലയാളം मराठी ଓଡିଆ ਪੰਜਾਬੀ தமிழ் తెలుగు ఆంధ్రప్రదేశ్ తెలంగాణ اردو लाइव राज्य भारत चैंपियन मनोरंजन ओपिनियन सुखीभव: धर्म बिजनेस खबरें फोटो गैलरी अधिक लाइव ETV Bharat / state
The source note says: 8 Min Read लखनऊ: एड्स को लेकर सरकारें हर वर्ष जागरूकता अभियान चलाती हैं, लेकिन हालात में कुछ खास बदलाव नहीं दिखता. इसी का नतीजा है कि सिर्फ उत्तर प्रदेश में 1.74 लाख लोग एड्स मरीज हैं. जेल में बंद 587 कैदी भी एड्स के साथ जिंदगी गुजार रहे हैं.
The source note says: एड्स के खिलाफ केंद्र और प्रदेश सरकार जागरूकता अभियान चलाती हैं. ट्रेसिंग-टेस्ट-ट्रीटमेंट जैसी व्यवस्था निःशुल्क उपलब्ध है. सरकार की तरफ से सामाजिक तौर पर गोपनीयता का भी ख्याल रखा जाता है. इसके बावजूद असुरक्षित यौन संबंध, संक्रमित सुई, ब्लड ट्रांसफ्यूजन इसके वाहक बने हुए हैं.
The source note says: भारत में करीब 25.61 लाख लोग HIV के साथ जीवन जी रहे हैं. इनमें लगभग 45 प्रतिशत महिलाएं और 2.75 प्रतिशत बच्चे शामिल हैं. उत्तर प्रदेश में वर्तमान में करीब 1.74 लाख HIV संक्रमित लोग हैं. यूपी की जेलों में 7 जिलों को छोड़कर बाकी अन्य जिलों में सितंबर 2026 तक 587 कैदी एड्स के रोगी हैं.
The source note says: इनमें सबसे अधिक 48 कैदी मथुरा में हैं. इनके बाद सहारनपुर में 42, मुरादाबाद और जीबी नगर में 41-41, गाजियाबाद में 36, लखनऊ में 32 कैदी हैं. बरेली में 19, बागपत में 18, प्रयागराज में 22, गोरखपुर में 18 कैदी HIV मरीज हैं. यह एआरटी केंद्रों के जरिए निःशुल्क परामर्श, उपचार और दवा प्राप्त कर रहे हैं.
The source note says: एक इंटरव्यू के दौरान जेलर सुनील गुप्ता ने बताया था कि जेल में सुडोमी से बचाने के लिए मेल और फीमेल वार्ड में कंडोम का बॉक्स रखवाया गया था. उस समय किरण बेदी आईजी प्रिजन थीं, लेकिन किसी ने पीआईएल कर दी कि इससे अनैतिक गतिविधियां को बढ़ावा मिलेगा. तब हाईकोर्ट के आदेश के बाद हटा दिया गया.
The source note says: लखनऊ जेल के प्रभारी अधीक्षक ऋत्विक प्रियदर्शी ने बताया कि जेल में ऐसे कैदियों को अलग बैरक में रखा जाता है. समय-समय पर डॉक्टरों की टीम फॉलोअप के लिए आती रहती है. इनको एआरटी सेंटर से दवाएं आती रहती हैं.
The source note says: दिसंबर 2027 तक HIV नियंत्रण का लक्ष्य: केंद्र सरकार ने मिशन एड्स सुरक्षा के तहत 01 दिसंबर 2027 तक देश में HIV महामारी पर प्रभावी नियंत्रण हासिल करने का लक्ष्य निर्धारित किया है. इसके लिए देश भर में उच्च संक्रमण दर और अधिक प्रभावित आबादी वाले 219 जिलों को प्राथमिकता के आधार पर चिह्नित किया गया है.
The source note says: क्या है HIV बीमारी: एड्स एक गंभीर और जानलेवा स्थिति है. यह ह्यूमन इम्यूनोडेफिसिएन्सी वायरस (HIV) नामक वायरस के संक्रमण के कारण होता है. यह वायरस शरीर में प्रवेश करके सीधे रोग प्रतिरोधक क्षमता पर हमला करता है और उसे बेहद कमजोर कर देता है. इसके परिणामस्वरूप, शरीर आम बीमारियों और संक्रमणों से भी लड़ने की क्षमता खो देता है.
The source note says: HIV संक्रमण से लेकर एड्स की स्थिति तक पहुंचने में कई साल लग सकते हैं. यह वायरस मुख्य रूप से शरीर के तरल पदार्थों (जैसे रक्त, वीर्य और मां के दूध) के आदान-प्रदान से फैलता है. इसमें असुरक्षित यौन संबंध, संक्रमित सुई, ब्लड ट्रांसफ्यूजन आदि वाहक बनते हैं.
The source note says: एड्स के मुख्य लक्षण: इसके लक्षणों को तीन चरणों में समझा जा सकता है. इनमें संक्रमण के 2-4 सप्ताह के बाद आने वाले शुरुआती लक्षणों में बुखार और ठंड लगना, गले में खराश और फ्लू जैसे लक्षण, अत्यधिक थकान और कमजोरी, मांसपेशियों और जोड़ों में दर्द, त्वचा पर चकत्ते या सूजी हुई लिम्फ नोड्स (गांठें) शामिल हैं.
The source note says: वहीं, लंबे समय तक रहने वाले लक्षण जो मध्यम स्तर के माने जाते हैं, उनमें कई हफ्तों तक लगातार बुखार रहना, तेजी से वजन घटना (बिना किसी कारण), रात में अत्यधिक पसीना आना, बार-बार दस्त होना, मुंह, जीभ या जननांगों पर छालें आदि हैं.
The source note says: वहीं, इसके अंतिम लक्षण के तौर पर माना जाता है कि जब प्रतिरक्षा प्रणाली पूरी तरह नष्ट हो जाती है, तो टीबी, गंभीर निमोनिया, या फंगल इंफेक्शन जैसी जानलेवा बीमारियां शरीर को आसानी से घेर लेती हैं.
The source note says: उपचार और प्रबंधन: वर्तमान में एड्स का कोई पूर्ण इलाज उपलब्ध नहीं है. सही समय पर इलाज
तस्वीर: C. Goldsmith, CDC, Wikimedia Commons, Public domain

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