Story Content
नई दिल्ली, November 7, 2026: वाराणसी: प्रेग्नेंसी में कैंसर का पता चला, बीएचयू में डिलीवरी, अब मां और बच्चे स्वस्थ; चार महिलाओं को नया जीवन।
एक्सक्लूसिव खबरें फ्री में ई-पेपर पढ़ें ऐप डाउनलोड करें मेरा शहर
गूगल में + फ़ॉलो करें रबीश श्रीवास्तव, अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी। Published by: Aman Vishwakarma Updated Sat, 07 Nov 2026 10:14 AM IST सार गर्भावस्था के दौरान कैंसर का पता चलने के बावजूद बीएचयू में डॉक्टरों ने सुरक्षित प्रसव कराया। स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग में डॉ. ममता की टीम ने महिला की डिलीवरी कराई। अब मां और नवजात दोनों स्वस्थ हैं। विभाग में पिछले दो वर्षों के दौरान इस तरह के चार जटिल मामलों में सफल प्रसव कराया जा चुका है। विज्ञापन स्त्री रोग विभाग की डॉ. ममता। - फोटो : अमर उजाला Link Copied
कैंसर का नाम सुनते ही हर कोई जीवन को लेकर डर जाता है। अगर प्रेग्नेंसी के दौरान किसी महिला को यह बीमारी हो जाए तो जीवन और चुनौतीपूर्ण हो जाता है। ऐसी ही चार महिलाओं की डिलीवरी दो साल में बीएचयू में हुई है। विज्ञापन स्त्री रोग विभाग की डॉ. ममता ने ऐसी महिलाओं की डिलीवरी कराई। घर में किलकारी गूंजी। महिला और उसके बच्चे स्वस्थ हैं। ओपीडी में आने वाली महिलाओं की सुरक्षित डिलीवरी के लिए काउंसिलिंग भी की जा रही है।
प्रेग्नेंसी के दौरान डॉक्टर महिलाओं को सेहत पर विशेष ध्यान देने की सलाह देती रहती हैं। डॉक्टर ममता के अनुसार महिला के लिए खुद की सेहत के साथ उनके होने वाले बच्चे की सेहत की निगरानी भी जरूरी होती है। दो साल में दो महिलाएं आईं जिन्हें ब्रेन ट्यूमर था। दो को ब्रेस्ट कैंसर हुआ था। किडनी में कैंसर से जूझ रही एक महिला का भी इलाज किया गया। जिन महिलाओं की डिलीवरी हुई उनकी कैंसर वाले भाग की सर्जरी की गई। जरूरत के हिसाब से कीमोथेरेपी भी हुई। इलाज के बीच ही कैंसर पीड़ित महिलाओं ने बच्चों को जन्म दिया।
महिलाओं में सबसे ज्यादा ब्रेस्ट कैंसर की समस्या बीएचयू की स्त्री रोग विभाग की डॉ. ममता के अनुसार महिलाओं में ब्रेस्ट कैंसर की समस्या ज्यादा रहती है। इसके बाद सर्वाइकल (गर्भाशय ग्रीवा), रीनल और ब्रेन ट्यूमर का नंबर आता है। एमसीएच विंग की ओपीडी में ब्रेस्ट में गांठ की समस्या वाली ज्यादा महिलाएं आ रही हैं।
गर्भावस्था के दौरान कैंसर का पता चलने पर मरीज और परिवार के सामने कई तरह की चुनौतियां खड़ी हो जाती हैं। दवाओं और कीमोथेरेपी का असर गर्भस्थ शिशु पर पड़ने की आशंका रहती है। जिन महिलाओं की डिलीवरी की गई है उन्हें समय-समय पर फाॅलोअप के लिए बुलाया जाता है। ओपीडी में काउंसिलिंग भी की जाती है। - डॉ. ममता, स्त्री रोग विभाग बीएचयू
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App , iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे| Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi .
स्रोत: Instafeed Desk।
तस्वीर: per source. Please credit "Family photos of Infrogmation"., Wikimedia Commons, CC BY-SA 2.5

Comments
Add a Comment:
No comments available.