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दिल्ली एनसीआर में बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए मुख्यमंत्री केजरीवाल ने बड़ा फैसला लिया है. प्रदूषण पर केजरीवाल ने शुक्रवार को प्रेस कॉफ्रेंस कर दिल्ली के प्राइमरी स्कूल को कल से अगले आदेश तक बंद करने का फैसला किया है. केजरीवाल ने PC में कहा कि उत्तर भारत को प्रदूषण से बचाने के लिए केंद्र सरकार को विशेष कदम उठाने चाहिए. दिल्ली सीएम ने आगे कहा कि अभी दोषारोपण करने का समय नहीं है.
अरविंद केजरीवाल ने कहा कि जब तक दिल्ली में प्रदूषण का स्थिति में सुधार नहीं हो जाता है तब तक दिल्ली के प्राइमरी स्कूल बंद रहेंगे. दिल्ली सरकार राजधानी में ऑड-ईवन पर भी विचार कर रही है तो आर्ड-ईवन योजना को लागू किया जा सकता है. हम पूरी कोशिश करेंगे कि किसी भी बच्चे को स्वास्थ्य संबंधी तकलीफ नहीं होनी चाहिए. प्रदूषण-रोधी उपायों पर उन्होंने आगे कहा कि हम स्कूलों में पांचवीं से ऊपर की कक्षाओं के छात्रों की खुले में खेल गतिविधियों को बंद कर रहे हैं.
केजरीवाल ने पार्टी की गलती को स्वीकारा
अरविंद केजरीवाल ने स्वीकार करते हुए कहा कि पंजाब में पराली जलाने की घटनाओं की उनकी पार्टी जिम्मेदार हैं. सीएम ने कहा, 'पंजाब में हमारी सरकार है इसलिए पराली जलाने की घटनाओं के लिए हम जिम्मेदार हैं. हमें वहां सरकार बनाए केवल छह महीने हुए हैं और कुछ ऐसे मुद्दे हैं, जिनका समाधान किया जा रहा है. हम हल ढूंढ रहे हैं. समस्या के समाधान के लिए हमें एक साल का समय दें'.
पराली को दबाने के लिए 1.20 लाख मशीन तैनात
इस प्रेस कॉफ्रेंस में मौजूद पंजाब के सीएम भगवंत मान ने कहा कि प्रदूषण को रोकने के लिए पंजाब के खेतों में पराली दबाने के लिए 1.20 लाख मशीन तैनात की गई हैं. सीएम भगवंत ने आगे कहा कि ग्राम पंचायतों ने पराली जलाने के संबंध में प्रस्ताव पारित किया है. उन्होंने यह भी कहा कि पंजाब में धान की भारी पैदावार के चलते पराली की मात्रा और बढ़ी है और अगले साल नवंबर तक समाधान निकालने की कोशिश करेंगे.
ग्रेटर नोएडा के सभी विद्यालय बंद
बताते चले कि इससे पहले ही राजधानी में प्रदूषण को ध्यान में देखते हुए यूपी के गौतमबुध्द नगर में स्थित सभी विद्यालयों में आठवीं कक्षाओं तक आठवीं कक्षाओं तक के विद्यार्थियों के लिए अगले मंगलवार तक ऑनलाइन पढ़ाई के निर्देश दिए गए.




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