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मौजूदा अमेरिका-ईरान युद्ध में मचे भारी हंगामे के बीच, ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड्स कॉर्प्स (IRGC) ने 19 मार्च, 2026 को वीडियो रिकॉर्डिंग प्रकाशित कीं। इन रिकॉर्डिंग में आरोप लगाया गया कि उनकी उन्नत हवाई रक्षा तोप ने मध्य ईरान में स्थानीय समय अनुसार सुबह लगभग 2:50 बजे अमेरिका के F-35 लाइटनिंग II स्टेल्थ लड़ाकू विमान पर गोलीबारी की और उसे निशाना बनाया।
थर्मल/IR-शैली की क्लिप में विमान पर मिसाइल लॉक-ऑन और हमले का दृश्य दिखाई देता है। ईरान का दावा है कि इस हमले से पहले से ही क्षतिग्रस्त ₹931 करोड़ (लगभग 100-110 मिलियन) के पांचवीं पीढ़ी के इस जेट को भारी नुकसान पहुंचा, जिसके कारण उसे पास के ही एक अमेरिकी अड्डे पर आपातकालीन लैंडिंग करनी पड़ी। IRGC ने इसे दुनिया के सबसे उन्नत लड़ाकू विमानों में से एक के खिलाफ मिली एक बड़ी सफलता के रूप में मनाया।
अमेरिकी मीडिया, जैसे कि CNN और CENTCOM की रिपोर्टों ने इस बात की पुष्टि की कि युद्धक अभियानों के दौरान संभवतः ईरानी गोलीबारी से F-35 को निशाना बनाया गया था, लेकिन पायलट के सुरक्षित रहते हुए विमान ने सुरक्षित लैंडिंग कर ली। यह हमला अभी किसी भी तरह से खत्म नहीं हुआ है, और युद्ध के दौरान अमेरिकी विमानों पर यह पहला सीधा हमला है। जानकारों का कहना है कि इस वीडियो की प्रामाणिकता अभी भी तय नहीं है, और युद्धों में प्रोपेगैंडा (प्रचार) होना आम बात है; लेकिन इसने दुनिया भर में 'स्टेल्थ' तकनीक की कमज़ोरियों और हवाई सुरक्षा व्यवस्था पर एक नई बहस छेड़ दी है।




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