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रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने मंगलवार को गुलमर्ग के मशहूर पर्यटन स्थल की लोकप्रिय केबल कार में अचानक आई तकनीकी खराबी के कारण फंसे 300 से ज़्यादा पर्यटकों के बचाव अभियान की तारीफ़ की। उन्होंने कहा कि इस त्वरित कार्रवाई से भारत की आपदा राहत एजेंसियों की "फुर्ती, पेशेवर रवैया, साहस और आपसी तालमेल" का पता चलता है।
25 मई, 2026 को एक बादल भरे दिन, जब हल्की बारिश हो रही थी, लगभग 300 पर्यटक 65 केबिनों में कई घंटों तक फंसे रहे। भारतीय सेना (चिनार कोर), जम्मू-कश्मीर पुलिस, SDRF, NDRF और स्थानीय प्रशासन ने मिलकर तुरंत एक विशाल बहु-एजेंसी बचाव अभियान शुरू किया।
इन टीमों ने रस्सियों, सीढ़ियों और हार्नेस का इस्तेमाल करके लगभग 6-8 घंटों में बिना किसी चोट के, इतनी ऊँचाई पर फंसे पर्यटकों को सफलतापूर्वक निकाल लिया। रात होते-होते सभी पर्यटकों को सुरक्षित नीचे पहुँचा दिया गया। यह पूरी घटना जम्मू-कश्मीर के दुर्गम इलाकों में आपात स्थितियों से निपटने के दृष्टिकोण में तैयारी और तालमेल के स्तर को दर्शाती है, और पूरे देश में सभी ने इसकी सराहना की है।




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