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New Delhi, November 7, 2026: SIR में छूटे मतदाताओं को एक और मौका: दिल्ली, महाराष्ट्र समेत 7 राज्यों के वोटर फिर नाम जुड़वा सकेंगे; 8 दिन....
The source note says: Sat, Nov 7, 2026 Updated 04:57 AM IST होम वीडियो सर्च वॉच वेब स्टोरीज ई-पेपर टॉप न्यूज़ राज्य-शहर तेजस्विनी NEW भास्कर इन्वेस्टिगेशन क्रिकेट भास्कर खास DB ओरिजिनल स्पोर्ट्स बॉलीवुड बिजनेस लाइफस्टाइल विदेश देश टेक - ऑटो जॉब - एजुकेशन जीवन मंत्र राशिफल ओपिनियन दिवाली REELS मध्य प्रदेश उत्तरप्रदेश राजस्थान बिहार यूपी खास Hindi News National Voter List Update | Delhi Maharashtra Election Commission SIR Process SIR में छूटे मतदाताओं को एक और मौका: दिल्ली, महाराष्ट्र समेत 7 राज्यों के वोटर फिर नाम जुड़वा सकेंगे; 8 दिन में दूसरा बड़ा फैसला 7 घंटे पहले कॉपी लिंक चुनाव आयोग (EC) ने SIR प्रक्रिया के दौरान छूटे मतदाताओं को नाम जुड़वाने एक और मौका देने का फैसला किया। यह मौका उन मतदाताओं को मिलेगा, जिन्हें एब्सेंट, शिफ्टेड, डेड और डुप्लिकेट (ASDD) के तौर पर रखा गया था।
The source note says: इन मतदाताओं के एन्यूमरेशन फॉर्म जारी हुए थे, लेकिन वापस नहीं मिले। इसके चलते स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के दौरान उनका नाम ड्राफ्ट इलेक्टोरल रोल्स में शामिल नहीं हो सका।
The source note says: आयोग के निर्देश दिल्ली, महाराष्ट्र, हरियाणा, आंध्र प्रदेश, झारखंड, तेलंगाना और नगालैंड पर लागू होंगे। इस दौरान डुप्लिकेट नामांकन रोकने के निर्देश भी दिए गए हैं।
The source note says: हालांकि, जो लोग कभी वोटर लिस्ट में थे ही नहीं, उन्हें इसका फायदा नहीं मिलेगा। ये सिर्फ उन्हीं के लिए है जो पहले से लिस्ट में थे, लेकिन SIR के दौरान उनके नाम कट गए।
The source note says: सुप्रीम कोर्ट ने 29 अक्टूबर को दिल्ली में की गई जल्दबाजी पर सवाल उठाया था, अगले ही दिन आयोग ने तारीख बढ़ा दी थी। दिल्ली में SIR से पहले करीब 1.45 करोड़ मतदाता थे।
The source note says: 31 अगस्त को जारी ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में करीब 97.53 लाख नाम शामिल किए गए। इस तरह लगभग 47.57 लाख नाम ड्राफ्ट लिस्ट से बाहर रहे।
The source note says: अगर आपका नाम ड्राफ्ट लिस्ट में नहीं है और आपको ASDD बताया गया है, तो घबराएं नहीं। BLO आपके घर फिर आएगा या आप दावा-आपत्ति के दौरान फॉर्म भरकर अपना नाम जुड़वा सकते हैं। इसके लिए आपको अपना आधार, वोटर आईडी और पते का प्रूफ रखना होगा।
The source note says: बिहार में SIR के दौरान लाखों नाम कटने पर विपक्ष ने हंगामा किया था। अब 7 राज्यों में उसी तरह की शिकायतें आ रही थीं कि जिंदा लोगों को मृत बता दिया गया, जो बाहर गए हैं उन्हें गैरमौजूद बता दिया गया। आयोग का ये फैसला उन शिकायतों के बाद आया है।
The source note says: इतना ही नहीं, राज्य के भीतर पता बदलने वालों को फॉर्म-8 की जरूरत नहीं होगी। इसके अलावा जिनका पता नहीं बदला, उन्हें पहले फॉर्म न देने का कारण बताना होगा। पता बदलने वालों को नए पते का प्रमाण देना होगा।
The source note says: बेघरों के लिए बीएलओ की रिपोर्ट मान्य होगी। परिजन या ऑनलाइन भी फॉर्म जमा होंगे। पहले फॉर्म-6 भर चुके लोगों को दोबारा गणना फॉर्म नहीं देना होगा। जांच के बाद नाम जुड़ने पर पुराना वोटर आईडी नंबर ही रहेगा।
The source note says: इससे पहले 3 नवंबर को आयोग ने एक और फैसला लिया था, जिसमें कहा गया था कि अगर मतदाता का नाम SIR की ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में नहीं है, तो वह फॉर्म-6 भरकर दोबारा नाम जुड़वा सकता है। चुनाव आयोग ने कहा चाहे 10 साल से वोटर रहे हों, फिर भी फॉर्म-6 ही भरना होगा। इसको झूठा शपथ पत्र नहीं माना जाएगा, न ही कोई केस होगा। पढ़ें पूरी खबर…
The source note says: चुनाव आयोग ने SIR प्रकिया कम्पलीट हो चुके राज्यों के लिए भी फॉर्म-6 में बड़ा बदलाव कर चुका है। अक्टूरबर में हुए इस बदलाव के बाद SIR में नाम कटने के बाद दोबारा नाम जुड़वाने के लिए 2003 की वोटर लिस्ट की जानकारी नहीं देनी होगी। आवेदक को यह बताने की जरूरत नहीं होगी कि उसका, माता-पिता या दादा-दादी का नाम उस लिस्ट में था या नहीं। फॉर्म-6 से इससे जुड़ा अतिरिक्त घोषणा-पत्र हटा दिया गया। पढ़ें पूरी खबर…
The source note says: चुनाव आयोग फॉर्म 6, 7, 8 में बदलाव नहीं कर सकता: सुप्रीम कोर्ट; पूछा- दोबारा नाम जुड़वाने के लिए फॉर्म-6 क्यों भरें
The source note says: दिल्ली में वोटर लिस्ट के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग से सवाल किए। कोर्ट ने पूछा कि ड्राफ्ट वोटर लिस्ट से बाहर करीब 43 लाख मतदाताओं में जिनके नाम ‘शिफ्टेड या अनुपस्थित’ श्रेणी में दर्ज हैं, उन्हें दोबारा नाम जुड़वाने के लिए Form-6 भरने को क्यों कहा जा रहा

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