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तमिलनाडु राज्य में एक नया राजनीतिक तूफान खड़ा हो गया है, जिसमें DMK नेता और विपक्ष के नेता, उदयनिधि स्टालिन ने विधानसभा सत्र के दौरान सनातन धर्म पर अपने विवादास्पद बयानों को दोहराया है। उदयनिधि ने 2023 में कही गई अपनी बात को ही फिर से दोहराया—जिससे पूरे देश में हंगामा मच गया था—कि "सनातन धर्म, जो लोगों को बांटने का कारण है, उसे पूरी तरह खत्म कर देना चाहिए।"
नए मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय (अभिनेता विजय), जिन्होंने अभी-अभी शपथ ली थी, सदन में बिना किसी प्रतिक्रिया या दखल के, हाथ जोड़कर कार्यवाही को सुनते हुए दिखाई दिए। इन वीडियो के सामने आने के बाद, यह सवाल बड़े पैमाने पर उठने लगा कि क्या मुख्यमंत्री ने हिंदू-विरोधी टिप्पणियों का समर्थन किया है या उन्हें नज़रअंदाज़ किया है? इस बात को लेकर BJP नेताओं और अन्य हिंदू संगठनों की ओर से कड़ी आलोचना हुई।
उदयनिधि ने ये टिप्पणियाँ तब कीं, जब वे शपथ ग्रहण समारोह को लेकर सवाल उठा रहे थे। इस घटना ने राज्य में धर्मनिरपेक्षता, सनातन धर्म और राजनीतिक सहिष्णुता पर चल रही बहस को और भी ज़्यादा गरमा दिया है। उदयनिधि और मुख्यमंत्री विजय—दोनों पर ही BJP ने उनकी चुप्पी को लेकर निशाना साधा है, क्योंकि इसे हिंदुओं की भावनाओं का अपमान माना जा रहा है। यह तमिलनाडु राज्य की नई सरकार के लिए, संवेदनशील सांस्कृतिक और धार्मिक मुद्दों को संभालने के तरीके की एक शुरुआती परीक्षा है।




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