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नई दिल्ली, November 6, 2026: अमेरिकी मध्यावधि चुनाव: इन परिणामों का बाकी दुनिया पर क्या असर पड़ेगा?।
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लोड हो रहा है लोड हो रहा है अमेरिकी मिडटर्म चुनाव में डेमोक्रेट्स ने सीनेट और हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स में बहुमत हासिल कर लिया है. इसके साथ ही अब डोनाल्ड ट्रंप के बाकी बचे कार्यकाल के दौरान कांग्रेस पर डेमोक्रेटिक पार्टी का नियंत्रण रहेगा.
चुनाव के बाद कांग्रेस में हुए इस बदलाव को राष्ट्रपति ट्रंप के लिए झटका माना जा रहा है. चुनाव परिणामों के बाद ट्रंप ने कहा, "ईरान के साथ युद्ध और बढ़ती महंगाई के कारण रिपब्लिकन पार्टी के कई उम्मीदवारों को हार का सामना करना पड़ा."
वहीं, उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने कहा कि हमारी हार ईरान युद्ध के कारण हुई है.
बीबीसी न्यूज़ के पत्रकारों ने बताया कि बाकी दुनिया में इन चुनाव परिणामों का क्या असर पड़ेगा.
ट्रंप की हार पर क्या बोला ईरान इमेज स्रोत, AFP via Getty Images
लंदन में मौजूद बीबीसी न्यूज़ पर्शियन की वरिष्ठ रिपोर्टर ग़ोंचेह हबीबियाज़ाद के मुताबिक, "ईरान के सर्वोच्च नेता मोजतबा ख़ामेनेई का कहना है कि जो लोग सोचते हैं कि अमेरिकी राजनीति में हुए बदलाव से ईरान के प्रति उनकी दुश्मनी बदल जाएगी, वे ग़लत हैं."
"ख़ामेनेई ने यह धमकी भी दी कि अगर अमेरिका ने ईरान पर दोबारा हमला किया, तो जवाबी कार्रवाई और भी ज़्यादा भयावह होगी."
मोजतबा ख़ामेनेई ने 28 फ़रवरी को अमेरिकी-इसराइली हमलों में मारे गए अपने पिता अली ख़ामेनेई के बाद पद संभाला था. हालांकि, वे महीनों से सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आए हैं.
ख़ामेनेई ने ये बातें बुधवार को जारी छह पन्नों के संदेश में लिखी हैं. यह संदेश 1979 में तेहरान में अमेरिकी दूतावास पर हुए क़ब्ज़े की याद में जारी किया गया है.
बीबीसी के सुरक्षा संवाददाता फ़्रैंक गार्डनर के मुताबिक, "यह हार 'प्रोजेक्ट ट्रंप' के लिए एक चुनावी झटका है, जिसे किसी दूसरे दौर में खाड़ी के अरब देशों के लिए भी झटका माना जा सकता था."
राष्ट्रपति ट्रंप और उनके परिवार के इनमें से कई देशों के साथ निजी और कारोबारी रिश्ते हैं. दुबई में एक ट्रंप इंटरनेशनल गोल्फ़ कोर्स है. क़तर ने उन्हें 400 मिलियन अमेरिकी डॉलर का विमान तोहफ़े में दिया है.
संयुक्त अरब अमीरात यानी यूएई, क़तर और सऊदी अरब ने मिलकर ट्रंप के दामाद जेरेड कुशनर की फ़र्म एफ़िनिटी कैपिटल में अरबों डॉलर का निवेश किया है.
ट्रंप ने 2017 में अपने पहले राष्ट्रपति कार्यकाल के दौरान भी रियाद को अपनी पहली विदेश यात्रा के लिए चुना था.
स्रोत: Instafeed Desk।
तस्वीर: Douglas W. Jones, Wikimedia Commons, CC0

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