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नई दिल्ली, November 8, 2026: 'दिवाली खुशियों की ईद है, कई दिनों तक चलने वाली ईद', खरगे के बयान की चर्चा; देश में शांति और एकता की अपील।
उन्होंने कहा कि दिवाली कई दिनों तक चलने वाली खुशियों की ईद है और लोगों को करीब लाने का त्योहार है।
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे नई दिल्ली: दिवाली के मौके पर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने ऐसा बयान दिया, जिसने त्योहार के संदेश को एक अलग अंदाज में सामने रखा।
उन्होंने दिवाली को खुशियों की ईद बताते हुए कहा कि यह कई दिनों तक चलने वाला खुशियों का त्योहार है, जो लोगों को एक साथ लाता है और उन्हें अपने प्रियजनों से मिलने का मौका देता है।
खरगे ने देशवासियों से शांति बनाए रखने, आपसी गलतफहमियां दूर करने और देश की एकता के लिए मिलकर काम करने की अपील की।
इस दौरान उन्होंने राहुल गांधी की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को बहस की चुनौती का मुद्दा भी उठाया और कहा कि पीएम मोदी इस चुनौती को स्वीकार नहीं कर रहे हैं।
'दिवाली खुशियों की ईद है', खड़गे ने दिया एकता का संदेश मल्लिकार्जुन खरगे ने दिवाली की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि दिवाली भारत का एक प्रमुख त्योहार है, जिसे सभी लोग मनाते हैं।
उन्होंने इसे खुशियों का त्योहार बताते हुए कहा कि यह लोगों को एक साथ लाता है और अपने प्रियजनों से मिलने का अवसर देता है।
खरगे ने कहा, 'दिवाली खुशियों की ईद है, कई दिनों तक चलने वाली ईद है।' उनके इस बयान में दिवाली को खुशियों, मेल-मिलाप और आपसी सद्भाव के त्योहार के रूप में पेश किया गया।
उन्होंने लोगों से अपील की कि वे त्योहार के इस अवसर पर आपसी दूरियां मिटाएं और शांति बनाए रखें।
'जो आपस में लड़ रहे हैं, वे गलतफहमियां दूर करें' कांग्रेस अध्यक्ष ने देश में शांति बनाए रखने की अपील करते हुए खास तौर पर उन लोगों से अपनी गलतफहमियां दूर करने को कहा, जो आपस में लड़ रहे हैं।
उन्होंने कहा कि देश की रक्षा करने और उसे एकजुट बनाए रखने के लिए सभी को पूरे दिल से काम करना चाहिए।
खरगे के मुताबिक, देश की एकता और शांति बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है।
दिवाली जैसे त्योहार लोगों को करीब लाने और आपसी संबंध मजबूत करने का अवसर देते हैं।
राहुल गांधी की बहस की चुनौती पर पीएम मोदी को घेरा दिवाली के संदेश के बीच खरगे ने राहुल गांधी की ओर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को दी गई बहस की चुनौती का भी जिक्र किया।
स्रोत: Instafeed Desk।
तस्वीर: Subharnab Majumdar, Wikimedia Commons, CC BY 2.0

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