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New Delhi, November 5, 2026: इजराइल में प्रधानमंत्री की कुर्सी के लिए खींचतान: अरब दलों के समर्थन पर मामला फंसा; राष्ट्रपति बोले- सरकार ....
The source note says: Thu, Nov 5, 2026 Updated 06:47 PM IST होम वीडियो सर्च वॉच वेब स्टोरीज ई-पेपर टॉप न्यूज़ राज्य-शहर तेजस्विनी NEW भास्कर इन्वेस्टिगेशन क्रिकेट भास्कर खास DB ओरिजिनल स्पोर्ट्स बॉलीवुड बिजनेस लाइफस्टाइल विदेश देश टेक - ऑटो जॉब - एजुकेशन जीवन मंत्र राशिफल ओपिनियन मध्य प्रदेश उत्तरप्रदेश राजस्थान बिहार यूपी खास Hindi News International Israel Government Formation | Gadi Eizenkot Vs Benjamin Netanyahu Update इजराइल में प्रधानमंत्री की कुर्सी के लिए खींचतान: अरब दलों के समर्थन पर मामला फंसा; राष्ट्रपति बोले- सरकार बनानी है तो शर्तें छोड़ें तेल अवीव 1 घंटे पहले कॉपी लिंक इजराइल में नई सरकार के गठन की तस्वीर धीरे-धीरे साफ होती दिख रही है। राष्ट्रपति इसाक हर्जोग के साथ दो दिन की बातचीत के बाद विपक्षी नेता गादी आइजनकोट को प्रधानमंत्री पद के लिए 56 सांसदों का समर्थन मिल गया है।
The source note says: मौजूदा प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के पक्ष में 46 सांसदों ने सिफारिश की है। धार्मिक दल यूनाइटेड तोरा जूडिज्म (UTJ) ने किसी भी उम्मीदवार का समर्थन नहीं किया है। इससे नेतन्याहू की मुश्किलें बढ़ गई हैं।
The source note says: राष्ट्रपति हर्जोग ने सभी दलों से कहा है कि अगर वे देश को दोबारा चुनाव में जाने से बचाना चाहते हैं, तो उन्हें अपनी कुछ शर्तें और वादे छोड़ने होंगे।
The source note says: दरअसल, 27 अक्टूबर को हुए चुनाव में किसी भी गठबंधन को बहुमत नहीं मिला था। अब सरकार बनाने के लिए अलग-अलग दलों को एक साथ लाने की कोशिश हो रही है।
The source note says: इजराइल के राष्ट्रपति इसाक हर्जोग यरुशलम के राष्ट्रपति भवन में चुनाव के नतीजे लेने के दौरान चुनाव समिति के सदस्यों के साथ। नेतन्याहू को हटाने के लिए चार विपक्षी नेता एक साथ आए
The source note says: चुनाव के बाद 3 नवंबर को नेतन्याहू के विरोधी चार बड़े नेताओं ने हर्जलिया में बैठक की। इनमें गादी आइजेनकोट, नफ्ताली बेनेट, यायर लापिड और यायर गोलान शामिल थे।
The source note says: इन नेताओं ने नेतन्याहू को सत्ता से हटाने के लिए मिलकर काम करने और सरकार बनाने की बातचीत तुरंत शुरू करने पर सहमति जताई।
The source note says: बैठक में इन नेताओं ने राष्ट्रीय आपातकालीन सरकार बनाने का प्रस्ताव रखा। इसके लिए चार बुनियादी सिद्धांत तय किए गए।
The source note says: हालांकि, इन नेताओं के पास कुल 48 सीटें ही हैं। बहुमत के लिए उन्हें कम से कम 13 और सांसदों की जरूरत है। इसलिए उन्हें अरब पार्टियों या दूसरी पार्टियों का समर्थन लेना होगा। यही उनके सामने सबसे बड़ी राजनीतिक चुनौती है।
The source note says: नेतन्याहू के समर्थन में: धार्मिक दक्षिणपंथी पार्टी शास और धार्मिक जायनिज्म ने नेतन्याहू को दोबारा सरकार बनाने का मौका देने की सिफारिश की। जिहुत पार्टी ने भी उनका समर्थन किया।
The source note says: आइजनकोट के समर्थन में: अविगदोर लिबरमैन की यिस्राइल बेतेनु पार्टी ने आइजनकोट को समर्थन दिया।
The source note says: राआम पार्टी का समर्थन: अरब पार्टी राआम ने भी आइजनकोट को सरकार बनाने का मौका देने की सिफारिश की। इसके 8 सांसदों के समर्थन से आइजनकोट के पक्ष में सिफारिशों की संख्या बढ़कर 56 हो गई।
The source note says: UTJ ने समर्थन नहीं दिया: यूनाइटेड तोरा जूडिज्म की डिगेल हतोरा शाखा ने किसी भी उम्मीदवार का समर्थन करने से इनकार कर दिया। इसके 4 सांसद हैं। पार्टी के धार्मिक नेताओं ने यह फैसला लिया।
The source note says: आइजनकोट के सामने सबसे बड़ी चुनौती अरब पार्टियों का समर्थन हासिल करना है। इजराइल की संसद में अरब पार्टियों के पास कुल 19 सीटें हैं। इनमें मंसूर अब्बास की राआम पार्टी के पास 8 और जॉइंट लिस्ट के पास 11 सीटें हैं।
Source: Instafeed Desk.

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