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पाकिस्तान में हाई-प्रोफाइल आतंकवादियों की रहस्यमय हत्याओं का सिलसिला लगातार जारी है; इनमें से अधिकांश आतंकवादियों के तार लश्कर-ए-तैयबा (LeT) और जैश-ए-मोहम्मद (JeM) जैसे भारत-विरोधी संगठनों से जुड़े थे। हाल के वर्षों (2022–2025) में, इन लोगों की हत्या अज्ञात बंदूकधारियों (जो अक्सर मोटरसाइकिलों पर सवार होकर आते हैं) द्वारा की गई है। मारे गए लोगों में हाफिज सईद का एक सहयोगी (अबू कतल, जिसकी मार्च 2025 में झेलम में हत्या हुई), LeT का एक शीर्ष आतंकवादी (सैफुल्ला खालिद, जिसकी मई 2025 में सिंध में हत्या हुई), और पठानकोट हमले का मास्टरमाइंड (शाहिद लतीफ, जिसकी अक्टूबर 2025 में हत्या हुई) शामिल हैं। वर्ष 2020 से अब तक, ऐसे मामलों की संख्या 30 से अधिक हो चुकी है, और हमलावर हर बार वारदात को अंजाम देकर फरार होने में सफल रहे हैं। पाकिस्तानी अधिकारी इन हत्याओं के लिए 'दुश्मन एजेंसियों' को जिम्मेदार ठहराते हैं, जबकि दूसरी ओर आंतरिक कलह या विदेशी ताकतों की संलिप्तता को लेकर भी तरह-तरह के कयास लगाए जा रहे हैं। इन हत्याओं ने आतंकी नेटवर्क को हिलाकर रख दिया है, और अब हर कोई यह सोचने पर मजबूर है कि आखिर पाकिस्तान की धरती पर यह 'सफाई अभियान' चला कौन रहा है। अब तक किसी भी विशेष समूह ने इन घटनाओं की जिम्मेदारी नहीं ली है।




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