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भारत सरकार ने एक सख्त आदेश जारी किया है कि कोई भी नाबालिग बच्चा एक ही समय पर भारतीय और विदेशी, दोनों पासपोर्ट अपने पास नहीं रख सकता। यह नियम उन बच्चों पर लागू होता है, जिन्होंने अपने माता-पिता के कारण विदेशी नागरिकता या OCI दर्जा हासिल कर लिया हो।
नए नियमों के अनुसार, माता-पिता को अपने नाबालिग बच्चों के लिए दो राष्ट्रीयताओं/पासपोर्ट में से किसी एक को चुनना होगा। इस नियम का उद्देश्य दोहरे दस्तावेज़ों, यात्रा और कानूनी पहचान से जुड़ी समस्याओं को रोकना है। जब बच्चा उस उम्र तक पहुँच जाएगा, जब वह अपने फैसले खुद ले सकता है (आमतौर पर यह उम्र 18 वर्ष होती है), तब परिवारों को दोनों में से एक पासपोर्ट जमा करना होगा।
यह नियम विशेष रूप से NRI, PIO और OCI कार्डधारकों पर लागू होता है। अधिकारियों ने माता-पिता से अनुरोध किया है कि वे संबंधित पासपोर्ट कार्यालयों या दूतावासों में जाकर अपने दस्तावेज़ जमा करें और रिकॉर्ड में दर्ज करवाएँ। ऐसा न करने पर यात्रा के दौरान या वीज़ा प्राप्त करते समय कानूनी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है।
यह बदलाव पासपोर्ट और नागरिकता नियंत्रण की प्रक्रियाओं को और अधिक सुदृढ़ बनाने के लिए शुरू की गई व्यापक पहलों का ही एक हिस्सा है। इस प्रक्रिया को आसान बनाने और व्यक्तिगत मार्गदर्शन प्रदान करने पर ज़ोर दिया जा रहा है; साथ ही, माता-पिता को सलाह दी जाती है कि वे विदेश मंत्रालय या अपने निकटतम पासपोर्ट कार्यालय से संपर्क करें।




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