Story Content
नई दिल्ली, November 7, 2026: धनतेरस पर Gen Z ने बदला खरीदारी का रिवाज, जानें कहां कर रहे निवेश?।
धनतेरस पर Gen Z का निवेश करने का तरीका बदला Source : ABP live धनतेरस को हमेशा से सोना- चांदी खरीदने और घर में सुख-समृद्धि लाने के त्योहार के रूप में देखा जाता है. इस दिन लोग अपनी क्षमता के अनुसार कीमती धातुओं और दूसरी संपत्तियों में पैसा लगाते हैं.
अब नई पीढ़ी के बीच इस परंपरा का तरीका धीरे-धीरे बदल रहा है. मिलेलियनल और Gen Z केवल सोने के गहने या सिक्के खरीदने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि डिजिटल निवेश के विकल्पों की तरफ भी कदम बढ़ा रहे हैं. अब उनके लिए धनतेरस पर निवेश का मतलब सिर्फ कोई कीमती चीज खरीदना नहीं, बल्कि भविष्य के लिए संपत्ति तैयार करना भी है.
डिजिटल प्लेटफॉर्म ने युवाओं के लिए निवेश करना पहले के मुकाबले आसान बना दिया है. अब छोटी रकम से भी म्यूचुअल फंड, शेयर बाजार और दूसरे वित्तीय विकल्पों में निवेश शुरू किया जा सकता है.
युवा निवेशक एक साथ बड़ी रकम लगाने के बजाय हर महीने SIP के जरिए नियमित निवेश करना पसंद कर रहे हैं. उनका ध्यान केवल एक संपत्ति खरीदने के बजाय अलग-अलग निवेश विकल्पों में पैसा बांटने पर है. इससे लंबे समय में निवेश पोर्टफोलियो को संतुलित रखने में मदद मिल सकती है.
पहले धनतेरस पर लोग ज्वैलर्स की दुकान से सोने के सिक्के, बिस्कुट या गहने खरीदते थे. इसके बाद उन्हें घर की तिजोरी या बैंक लॉकर में सुरक्षित रखा जाता था. हालांकि, फिजिकल गोल्ड खरीदने पर मेकिंग चार्ज, सुरक्षा और स्टोरेज जैसी परेशानियां भी होती हैं.
नई पीढ़ी इन मुश्किलों से बचने के लिए Gold ETF और गोल्ड म्यूचुअल फंड जैसे विकल्प अपना रही है. इनके जरिए निवेशक बिना सोना घर में रखे उसकी कीमतों में होने वाले बदलाव से जुड़ सकते हैं. इससे गहनों के मेकिंग चार्ज और सोने की शुद्धता को लेकर होने वाली चिंता भी नहीं रहती.
डिजिटल निवेश के बढ़ते विकल्पों के बीच सावधानी रखना भी जरूरी है. निवेशकों को केवल भरोसेमंद और KYC वेरिफाइड प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करना चाहिए. साथ ही अपनी आर्थिक क्षमता और जोखिम उठाने की सीमा को ध्यान में रखकर ही पैसा लगाना चाहिए.
कुल मिलाकर, मिलेलियनल और Gen Z के लिए धनतेरस की परंपरा खत्म नहीं हो रही, बल्कि उसका तरीका बदल रहा है. अब लोग सोने के साथ-साथ डिजिटल निवेश और लंबे समय में संपत्ति बनाने पर भी ध्यान दे रहे हैं.
नई पीढ़ी के निवेश विकल्पों में Bitcoin और दूसरे डिजिटल एसेट्स भी शामिल हो रहे हैं. Bitcoin को कई लोग डिजिटल गोल्ड कहते हैं, क्योंकि इसकी कुल सप्लाई सीमित है. हालांकि, सोने और Bitcoin में बड़ा अंतर है. सोने की तुलना में Bitcoin की कीमतों में काफी ज्यादा उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है.
इसके अलावा अब टोकनाइजेशन की अवधारणा भी चर्चा में है. इसमें सोना, सरकारी बॉन्ड या अन्य वास्तविक संपत्तियों को ब्लॉकचेन पर डिजिटल टोकन के रूप में दिखाया जाता है. इससे भविष्य में कम रकम के साथ भी किसी संपत्ति में हिस्सेदारी लेना आसान हो सकता है.
यह भी पढे़ं- अमेजन ने की टिकटॉक की कॉपी, तो अब कंपनी ने बना दिया नया शॉपिंग ऐप, जानें मामला
शौर्य रे उत्तर प्रदेश में मेरठ की चौधरी चरण सिंह यूनिवर्सिटी की बेचलर्स इन जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन की स्टूडेंट हैं. शौर्य वर्तमान में एबीपी न्यूज़ के डिजिटल विंग में बतौर इंटर्न काम कर रही हैं. बिजनेस और यूटिलिटी की खबरों में दिलचस्पी रखने वाली शौर्य पब्लिक रिलेशंस (PR) व कॉर्पोरेट कम्युनिकेशंस के क्षेत्र में भविष्य तलाश रही हैं. वह मीडिया ट्रेंड्स, ब्रांड स्ट्रैटेजी और पब्लिक ओपिनियन से जुड़े विषयों पर अपनी रूची रखती हैं.
स्रोत: Instafeed Desk।
तस्वीर: Carol M. Highsmith, Wikimedia Commons, Public domain

Comments
Add a Comment:
No comments available.