Hindi English
Login
Breaking News

Welcome to Instafeed

Latest News, Updates, and Trending Stories

पिछले 5 धनतेरस में 200% चढ़ा सोना, अब आया इतना बड़ा टारगेट

नई दिल्ली, November 6, 2026: पिछले 5 धनतेरस में 200% चढ़ा सोना, अब आया इतना बड़ा टारगेट। एक्सिस डायरेक्ट ने बताया कि घरेलू बाजार में सोने की कीमत नवंबर 2021 में 47,600 रुपये प्रति 10 ग्राम से बढ़कर…

Advertisement
Image Credit: तस्वीर: Stevebidmead, Wikimedia Commons, CC0
Instafeed.org

By Pandey Gaurav | Mumbai, Maharashtra | व्यापार - 06 November 2026

नई दिल्ली, November 6, 2026: पिछले 5 धनतेरस में 200% चढ़ा सोना, अब आया इतना बड़ा टारगेट।

एक्सिस डायरेक्ट ने बताया कि घरेलू बाजार में सोने की कीमत नवंबर 2021 में 47,600 रुपये प्रति 10 ग्राम से बढ़कर लगभग 1,42,750 रुपये प्रति 10 ग्राम हो गई है, जो सालाना कंपाउंडिंग के हिसाब से 24.53 प्रतिशत की ज़बरदस्त बढ़ोतरी है.

पिछली धनतेरस से सोने ने लगभग 8 परसेंट का रिटर्न दिया है, जो सेंसेक्स और निफ्टी से काफी बेहतर है. फिर भी, सोना अपने 1,80,000 रुपये के पीक से 22 परसेंट से ज़्यादा डिस्काउंट पर ट्रेड कर रही है, और घरेलू कीमतें 1,42,000 रुपये प्रति 10 ग्राम के आसपास हैं.

सोना बढ़ने की वजहें मिडिल ईस्ट में जियोपॉलिटिकल टेंशन, मज़बूत डॉलर और फेडरल रिजर्व की बढ़ी हुई ब्याज दरों ने कीमतों पर दबाव डाला है, जिससे सोने के लंबे समय के बुल ट्रेंड के बने रहने को लेकर चिंता बढ़ गई है. पहले सोने और डॉलर इंडेक्‍स उल्‍टा रिश्‍ता रहा है. डॉलर इंडेक्‍स में हाल ही में आई 4 फीसदी की तेजी ने सोने पर भारी असर डाला है, जिससे यह ट्रेंड और पक्‍का हो गया है कि जब डॉलर और बॉन्‍ड यील्‍ड बढ़ते हैं तो सोा आमतौर पर कमजोर प्रदर्शन करता है.

फिर भी, सेंट्रल बैंक की लगातार खरीदारी और ETF इनफ्लो से सोने की तेज़ी को सपोर्ट मिल रहा है. इसमें कहा गया है कि सोने की मौजूदा कीमतें निवेशकों के लिए आकर्षक लग रही हैं, जो अपने पीक से 20 परसेंट से ज़्यादा गिर चुकी हैं. इससे लंबे समय के निवेशक जो रैली से चूक गए थे, उनके पास अपने मौजूदा पोर्टफोलियो में धीरे-धीरे सोना जोड़ने का एक अच्छा मौका है.

कैसे बढ़ती है सोने की कीमत? इंटरनेशनल लेवल पर सोने की कीमत अमेरिकी डॉलर में तय होती है और भारत अपनी सोने की ज्‍यादातर जरूरतें इंपोर्ट करता है. इसलिए घरेलू सोने की कीमतें तय करने में एक्‍सचेंज रेट का खास रोल होता है. जब रुपया कमजोर होता है, तो भारतीय इंपोर्ट्स को उतनी ही मात्रा में सोना खरीदने के लिए और रुपये की आवश्‍यकता होती है, चाहे इंटरनेशनल कीमतें वैसी ही रहें. इससे इंपोर्ट किए गए सोने की लैंडेड कॉस्ट बढ़ जाती है और घरेलू कीमतों को सपोर्ट मिलता है.

मजबूत सपोर्ट के बाद भी गिरा सोना टेक्निकली, एक्सिस डायरेक्ट ने कहा कि MCX गोल्ड को 1,60,000 रुपये के लेवल के पास मजबूत रेजिस्टेंस का सामना करना पड़ा, जो धीरे-धीरे सप्लाई जोन में बदल गया क्योंकि पिछले सात महीनों में कीमतों ने इससे ऊपर बने रहने की बार-बार कोशिश की. इसके अलावा, सितंबर में 20 EMA से नीचे वीकली क्लोज ने बुलिश आउटलुक को कमजोर कर दिया है.

(नोट- किसी भी धातु में निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की मदद जरूर लें.)

स्रोत: Instafeed Desk।

Instafeed Editorial Desk
Instafeed Editorial Desk ✔ Verified
राष्ट्रीय, राजनीति, खेल, मनोरंजन और ग्राउंड सिटीजन रिपोर्टिंग · तथ्य-जांच और आधिकारिक स्रोतों पर आधारित।
Advertisement
Comments

No comments available.

Advertisement
Advertisement