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नई दिल्ली, November 5, 2026: India vs Japan Final: भारतीय हॉकी टीम ने लहराया तिरंगा, एशियन चैंपियंस ट्रॉफी फाइनल में जापान को रौंदकर जीता स्वर्ण।
जापान ने तीसरे मिनट में काजुमासा मात्सुमोतो के गोल से बढ़त हासिल की थी जिसके बाद भारत की ओर से शिलानंद लाकड़ा (42वें मिनट), दिलप्रीत सिंह (48वें), जुगराज सिंह (53वें) और विवेक सागर प्रसाद (54वें) ने गोल किए। एशियाई खेलों के मौजूदा स्वर्ण पदक विजेता भारत ने टूर्नामेंट के पहले राउंड-रॉबिन लीग मैच में भी जापान को 4-1 से हराया था।
इससे पहले अबू कमाल अरजई के दो गोल की बदौलत एशियाई खेलों के रजत पदक विजेता मलेशिया ने गुरुवार को एशियन चैंपियंस ट्रॉफी हॉकी टूर्नामेंट के कांस्य पदक के मुकाबले में दक्षिण कोरिया को 5-2 से हरा दिया।
भारत और जापान की टीमों के बीच गुरुवार को एशियन चैंपियंस ट्रॉफी का खिताबी मुकाबला खेला गया। जापान ने पहले ही क्वार्टर में बढ़त बनाई। तीसरे क्वार्टर में भारतीय हॉकी टीम ने गोल करके बराबरी की। चौथे क्वार्टर में भारत ने 4-1 की बढ़त बना ली है। भारत ने दक्षिण कोरिया को सेमीफाइनल में 8-1 से रौंदकर फाइनल तक का सफर तय किया, जबकि जापान ने पहले सेमीफाइनल में मलेशिया के खिलाफ पेनल्टी शूटआउट में 5-2 से जीत दर्ज की।
भारत ने अच्छी शुरुआत की थी, लेकिन तीसरे ही मिनट में जापान ने मात्सुमोतो के गोल से बढ़त बना ली। मात्सुमोतो ने 'टोमाहॉक' शॉट से गोल करके ओलंपियन बलबीर सिंह स्टेडियम में मौजूद दर्शकों को हैरान कर दिया। इसके बाद भारतीय खिलाड़ियों ने तेजी दिखाई और कुछ मौके भी बनाए, लेकिन वे उन्हें गोल में बदलने में नाकाम रहे। ल20वें मिनट में जापान को लगातार दो पेनल्टी कॉर्नर मिले। लेकिन भारतीय डिफेंस ने शानदार खेल दिखाते हुए जापान के कप्तान राइकी फुजीशिमा को गोल करने से रोक दिया। लअपना 200वां अंतरराष्ट्रीय मैच खेल रहे उप कप्तान हार्दिक सिंह भारत के मिडफील्ड में स्टार साबित हुए। उन्होंने बेहतरीन तालमेल बिठाते हुए कई मौके बनाए।
दूसरी ओर जरमनप्रीत सिंह ने अपने शानदार खेल और कड़ी मेहनत से डिफेंस में चट्टान की तरह मजबूती बनाए रखी। 0-1 से पिछड़ने के बाद भारतीय टीम ने दूसरे हाफ में अधिक आक्रामक खेल दिखाया और 33वें मिनट में अपना पहला पेनल्टी कॉर्नर हासिल किया। लेकिन कप्तान हरमनप्रीत सिंह के फ्लिक को जापानी गोलकीपर किशो कुरोदा ने रोक दिया।
जापान की टीम ने अपना अच्छा प्रदर्शन जारी रखा और 39वें मिनट में अपना दूसरा पेनल्टी कॉर्नर हासिल किया, लेकिन शोता यामादा की कोशिश से कोई गोल नहीं हो सका। भारत ने जापानी डिफेंस पर दबाव बनाए रखा और 42वें मिनट में लगातार दो पेनल्टी कॉर्नर हासिल किए। आदित्य अर्जुन लालागे के पास पर लकड़ा ने रिबाउंड से गोल करके स्कोर बराबर कर दिया।
भारत ने आखिरी क्वार्टर में भी दबदबा बनाए रखा और 48वें मिनट में हार्दिक के बेहतरीन पास पर दिलप्रीत ने रिवर्स हिट लगाकर घरेलू टीम को बढ़त दिला दी। बढ़त लेने के बाद भारतीय टीम का खेल पूरी तरह बदल गया। 53वें मिनट में जुगराज ने भारत के तीसरे पेनल्टी कॉर्नर को सटीक तरीके से गोल में बदलकर बढ़त को और बढ़ा दिया। इसके बाद भारत को रोकना मुश्किल हो गया। लकड़ा के शुरुआती शॉट को जापानी गोलकीपर ने रोक दिया था, लेकिन उसके बाद विवेक ने सर्कल के ऊपर से एक जोरदार हिट लगाकर गोल कर दिया। मैच खत्म होने के ठीक 12 सेकेंड पहले जापान को अपना चौथा पेनल्टी कॉर्नर मिला, लेकिन कप्तान फुजीशिमा का शॉट बाहर चला गया। इस तरह भारत टूर्नामेंट में अजेय बना रहा।
भारतीय पुरुष हॉकी टीम के स्टार मिडफील्डर हार्दिक गुरुवार को अपना 200वां अंतरराष्ट्रीय मैच खेल रहे हैं। इस मैच से पहले हार्दिक सिंह को सम्मानित किया गया। इसी मैदान पर हार्दिक 13 साल पहले बॉल ब्वाय रहे थे और आज भारत के लिए एशियन चैंपियंस ट्रॉफी का फाइनल खेलने उतरे हैं।
भारत ने रिकॉर्ड सातवीं बार इस टूर्नामेंट के खिताबी मुकाबले में जगह बनाई। भारत ने राउंड रॉबिन चरण में भी दक्षिण कोरिया को 8-0 से हराया था। मेजबान टीम टूर्नामेंट में अब तक अजेय रही है। उसने छह टीम के राउंड रॉबिन मुकाबलों में अपने सभी पांच मैच जीतकर शीर्ष स्थान हासिल किया था।
भारतीय हॉकी टीम पंजाब में आयोजित एशियन चैंपियंस ट्रॉफी 2026 में अब तक अजेय रही है। भारत ने लीग मुकाबले में बांग्लादेश को 13-0, चीन को 5-2, जापान 4-1, मलेशिया को 4-1 और दक्षिण कोरिया को 8-0 से मात दी। इसके बाद सेमीफाइनल में कोरिया को 8-1 से मात देकर फाइनल में जगह बनाई, जहां भारतीय टीम ने 4-1 से जीत हासिल की।
पुरुष एशियन चैंपियंस ट्रॉफी हॉकी टूर्नामेंट में भारतीय हॉकी टीम का प्रदर्शन बेहद शानदार रहा है। भारत इस टूर्नामेंट के इतिहास की सबसे सफल टीम है। भारतीय हॉकी टीम ने रिकॉर्ड 6 बार

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